HOW TO FILE YOUR CASE IN LABOR COURT लेबर कोर्ट में शिकायत कैसे करें
इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताएँगे कि आप लेबर कोर्ट में अपनी शिकायत कैसे कर सकते है ।How to file a case in labour court, यदि आप एक मज़दूर (Workman) हैं और आपका आपकी कम्पनी या कम्पनी के मालिक से किसी भी प्रकार का विवाद है जैसे नौकरी से निकाल देना , निर्धारित समय से अधिक घंटे काम करवान, सैलरी समय पर ना देना, ज़बरदस्ती रिजाइन लेटर पर साइन करवा लेना या स्वेछा से नौकरी छोड़ने के बाद पूर्ण भुगतान या सैलरी ना देना या नौकरी से निकाल देना आदि कई प्रकार की समस्याएँ है जिनका सामना करना नौकरी करने वालों के लिए आम बात होती जा रही है।यदि आप इनमे से किसी भी समस्या से जूझकर मानसिक पीड़ा से गुजर रहे है तो यह पोस्ट आपके लिए काफ़ी मददगार साबित हो सकती है।
शिकायत के आधार क्या हैं –
- सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का भुगतान नहीं करना ।
- निर्धारित समय / घंटे से अधिक कम लेना एवं उसकी पेमेंट न देना ।
- काम करवा कर पैसे न देना।
- काम करवा कर पूरे पैसे न देना।
- कम्पनी की पालिसी के मुताबिक़ कम न करवाना या वेतन न देना।
- कम्पनी की पालिसी के मुताबिक़ प्रमोशन न देना।
- कम्पनी की पोलिसि के मुताबिक़ बोनस भुगतान न करना।
- ग्रेचुइटी का भुगतान न करना।
- कम्पनी के पालिसी के ख़िलाफ़ बिना नोटिस ट्रांसफ़र करना।
- बिना पर्याप्त समय के नोटिस के जॉब से निकल देना।
- जॉब से रिजाइन करने पर पूरा अंतिम भुगतान न देना।
- किसी अन्य क़ानूनी माँग करने पर नौकरी से निकल देना।
- किसी भी प्रकार की क्षति होने पर क्षतिपूर्ति न देना आदि।
यदि ऊपर दर्शाए गये बिंदुओं में से किसी एक की श्रेणी में भी आप आते है तो आपको लेबर कमिश्नर के यहाँ शिकायत करने का पूरा अधिकार है।
लेबर कोर्ट में कौन शिकायत कर सकता है –
सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है की वर्कमैंन की श्रेणी में कौन कौन आता है या यह कैसे तय किया जाता है की वर्कमैन कौन है? इसकी परिभाषा क्या है- वह जो दूसरों के लिए शारीरिक श्रम का कार्य करके अपना पेट पालता हो भारत में Employees को दो वर्गों में बिभाजित किया गया है Workman / Non- Workman Workman को Industry Dispute Act 1947 (ID Act) के अंतर्गत परिभाषित किया गया है। किसी इंडस्ट्री में नियोजित वह सभी व्यक्ति Workman हैं जो Administrative अथवा Supervisory की श्रेणी में नियोजित किए गये है। अर्थात् Managerial, Administrative or Supervisory इन तीनो पदों के अतिरिक्त इनके नीचे नियोजित एवं कार्य करने वाले सभी कर्मचारी workman की श्रेणी में आएँगे।
शिकायत कहाँ और कैसे करनी है –
अब आपको या जानना होगा कि शिकायत कहाँ और कैसे करनी है -आपको बता दें की आप सीधा लेबर कोर्ट में शिकायत नहीं कर सकते है लेबर कोर्ट में केस करने से पहले आपको आपके साथ हुए घटना के बारे में अपने एरिया के Deputy Labour Commissioner (DLC) को लिखित शिकायत देनी होगी। शिकायत होने के 30 दिनों के भीतर आपको एवं आपने जिसके ख़िलाफ़ शिकायत की है दोनो पक्षों को Deputy Labour Commissioner के द्वारा एक तारीख़ निर्धारित करके बुलाकर दोनो पक्षों की सुनवाई करके समझौता करवाने का प्रयास किया जायेगा यदि मामला सुलझने के पक्ष में है तो दोनो पक्षों को 10-15 दिनों का समय देकर एक दो तारीख़ पर बुलाकर लेबर इन्स्पेक्टर द्वारा सुनवायी करके मामला समझा बुझाकर निपटा दिया जाएगा यदि मामला सुलझने के पक्ष में नहीं है तो 45 दिन के बाद आपकी सहमति से लेबर इन्स्पेक्टर द्वारा अपनी enquiry report (IR) बनाकर मामले को लेबर कोर्ट में ट्रांसफ़र कर दिया जाता है। जिसके बाद आपका केस लेबर कोर्ट में रजिस्टर हो जाता है एवं आगे की सुनवायी लेबर कोर्ट में लेबर कमिशनर के समक्ष होती है एवं मामला कमसे कम छह महीने एवं अधिकतम एक वर्ष के अंदर निपटा दिया जाता है।
क्या वकील की ज़रूरत होती है –
लेबर कोर्ट में शिकायत या केस करने के लिए किसी वकील की ज़रूरत नहीं होती है वकील करने के लिए आपको बाध्य नहीं किया जाता है यहाँ आप अपनी शिकायत से लेकर केस तक का सारा मामला खुद की निगरानी में सम्पन्न करवा सकते है।या अपने परिवार एवं मित्र या किसी वर्कर्स यूनियन लीडर या वकील को अथारिटी लेटर देकर भी आप अपने मामले की निगरानी/ सुनवायी करवा सकते है यदि आप किसी मजबूरी वस अपना केस खुद देखभाल करने में असमर्थ है। पर इन सबकी ज़रूरत तभी होगी जब आप खुद जाने में असमर्थ होंगे।
शिकायत किसी भाषा में करें -शिकायत आप हिंदी, इंग्लिश या अपनी लोकल भाषा में भी कर सकते है।
क्या ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है –
सभी राज्यों में नहीं परंतु नॉएडा, एवं उत्तर प्रदेश जैसे अन्य कई राज्यों में ऑनलाइन शिकायत की सुविधा उपलब्ध है।जानकारी के लिए आप अपने प्रदेश के नाम के साथ जैसे उत्तर प्रदेश के लिए – UP LABOUR COMMISSIONER COMPLAINT ONLINE लिखने पर सम्बंधित विभाग की वेब्सायट खुल जाएगी ज़िसपर माँगी गयी सभी जानकारी भरने के बाद आप घर बैठे अपनी कम्प्लेंट/ शिकायत कर सकते है।
दिल्ली में शिकायत करने के लिए आपको ज़ोन के हिसाब से पहले LABOUR COMMISSIONER के यहाँ शिकायत करनी होगी उसके बाद आपका केस अगर करना अनिवार्य होगा तो LABOUR COMMISSIONER आफिस द्वारा सम्बंधित कोर्ट में भेज दिया जायेगा। मतलब आपको सिर्फ़ शिकायत करने के लिए अपने ज़ोन के LABOUR COMMISSIONER की आफिस ढूँढना है उसके आगे की सभी कार्यवाही आपको खुद वहाँ जाकर पता चलती रहेगी।
शिकायत पत्र का प्रारूप हिंदी में –
To,
District/Deputy Labour Commissioner
Pushpa Bhavan,
Jahanpanah City Forest,
New Delhi, Delhi 110044
Dated-
विषय – : वेतन, ग्रेच्युटी,बोनस,पी एफ,अर्जित अवकाश एवं अन्य विधिक देय पावनों के भुगतान के सम्बंध में :-
महोदय
सादर अवगत कराना है कि प्रार्थी —आपका पूरा नाम —–मैसर्स —कम्पनी का पूरा नाम ——–पता – ———————-में दिनांक – 1-04- 2013 से लैब टेक्नीशियन के पद पर स्थाई कर्मचारी के रूप में अंतिम बेतन Rs. 23586/- पर कार्यरत था । प्रार्थी द्वारा स्वच्छ सेवा रिकार्ड के साथ प्रतिष्ठान में अपना कार्य किया गया तथा सेवायोजकों को कभी कोई शिकायत का मौक़ा नहीं दिया, जबकि प्रतिष्ठान में प्रार्थी से प्रतिदिन 12 घंटे से अधिक कार्य करवाया जाता रहा तथा उसका कभी कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं किया गया कार्यअवधि के अंतिम एक वर्ष में प्रार्थी को वेतन कभी भी समय पर नहीं दिया गया एवं कभी कभी दो महीने कार्य करने पर पिछले एक माह का भुगतान किया गया जिसके चलते प्रार्थी के साथ- साथ समस्त परिवारगण को घोर आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा था उपर्युक्त सभी परेशानियों के चलते प्रार्थी ने दिनांक – 31-12-2019 को प्रतिष्ठान से अपनी सेवा से त्यागपत्र दे दिया, सेवा से त्यागपत्र देने के बावजूद प्रार्थी के बार – बार माँग करने पर भी सेवायोजकों द्वारा प्रार्थी के अंतिम कार्यरत माह दिसम्बर 2019 का न तो अर्जित वेतन दिया गया न ही ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश,बोनस,पी एफ व अन्य सभी विधिक देयों का अंतिम भुगतान किया गया प्रार्थी द्वारा अपनी विधिक देयों के सम्बंध में सेवायोजकों से उनके ईमेल पर तथा दूरभाष पर कई बार सम्पर्क करके माँग की गयी परंतु सेवायोजकों द्वारा न तो कोई जवाब आया न ही विधिक पावनों का कोई भुगतान किया गया,लगभग सात वर्ष कार्यअवधि के हिसाब से सेवायोजकों पर प्रार्थी की ग्रेच्युटी, बोनस,एवं अर्जित अवकाश के मद में अनुमानित राशि ———————बकाया रक़म लिखें ————————————————— बनती है।
अतः महोदय से प्रार्थना है कि प्रार्थी को उक्त धनराशि को मय छतिपूर्ति दिलाने की कृपा करें ।
प्रार्थी
नाम –
पूरा पता –
पिन –
मोबाइल नम्बर –
इसी तरह आप अपने साथ हुई घटना का भी वर्णन करके शिकायत कर सकते है।
लेबर एक्ट /कर्मचारी अधिनियम बहुत बड़ा एवं विस्तृत है एक पोस्ट में सभी बातें समझा पाना सम्भव नहीं है अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट से नियमित जुड़े रहें बाक़ी की जानकारी अगले पोस्ट में आपको दी जाएँगी।
आशा करते हैं हमारा लेख आपको पसंद आया होगा इस तरह के किसी अन्य मुद्दे पर जानकारी के लिए आप हमें ईमेल या कमेंट करके पूँछ सकते है ।
धन्यवाद
द्वारा – रेनू शुक्ला, अधिवक्ता / समाजसेविका
For AIBE Exam Question Quiz Click here- https://a2zkanoon.com/quiz/
For AIBE Exam Paper PDF Click here – https://a2zkanoon.com/free-pdf/
For more legal news please click here – https://a2zkanoon.com/
For Facebook Page please click here – https://www.facebook.com/a2zkanoon