How to draft a legal notice ?- in Hindi
लीगल नोटिस हिंदी में कैसे लिखी जाती है –
विधिक / लीगल नोटिस
दिनांक – 11-01-2021
सेवा में,
1. मैसर्स ………..कम्पनी / व्यक्ति का पूरा नाम
पता ——— मेट्रो स्टेशन ग्रेटर नोएडा,
2. नाम ……………. प्रोपराइटर/ डारेक्टर
पता – …………………. मोहन गार्डन नई दिल्ली-110059,
एवं -अन्य पता यदि कोई है ।
3. प्रबंधक,
बैंक आफ महाराष्ट्र सेक्टर -51 नोएडा (यू०पी०)
मैं अपने व्यवहारी सम्भू शाह स्टील कॉंट्रैक्टर पता – ……………………… फ़रीदाबाद हरियाणा के निर्देशानुसार आपको निम्न विधिक नोटिस प्रेषित करती हूँ।
1. यह कि मेरा व्यवहारी बिल्डिंग कन्स्ट्रक्शन साइट पर सरिया बाँधने का काम करता है तथा एक ईमानदारी के रूप में जाना माना स्टील कॉंट्रैक्टर है।
2. यह कि मेरे व्यवहारी द्वारा पक्षकार संख्या 1 की कन्स्ट्रक्शन की साइट जोकि .पूरा पता ……………………………………नोएडा में है पर सितम्बर 2019 से दिसम्बर 2019 तक सरिया बाँधने का काम किया तथा उक्त में पक्षकार संख्या 2, (बिल्डर) तथा प्रोजेक्ट इंचार्ज के रूप में अली इमाम इंजिनीयर तथा हरे राम टाइम कीपर की देखरेख में उक्त कार्य किया गया।
3. यह कि मेरे व्यवहारी द्वारा पूरे मेहनत व ईमानदारी के साथ में काफ़ी मज़दूरों को लगाकर आप पक्षकार संख्या 1,2, के प्रोजेक्ट पर सरिया बांधा गया। जिसके संदर्भ में आप पक्षकार संख्या 1,2, द्वारा भुगतान माँगने पर मेरे व्यवहारी को टाला जाता रहा।
4. यह कि मेरे व्यवहारी द्वारा आप पक्षकार संख्या 1,2 की साइट पर सितम्बर 2019 से दिसम्बर 2019 तक रूपए लगभग 2,41,000/- का काम किया तथा उक्त का बिल भी मेरे व्यवहारी द्वारा आपको दिया गया।
5. यह कि मेरे व्यवहारी को साथ में लगे मज़दूरों को भुगतान भी करना पड़ा तथा अभी तक उनका सारा भुगतान मेरे व्यवहारी द्वारा मज़दूरों को किया जा सका है। इसी संदर्भ में आप पक्षकार संख्या 2 को अनेकों बार टेलीफ़ोन/ व्यक्तिगत बात करने पर आपके द्वारा मेरे व्यवहारी को रुपए 37861/ का HDFC बैंक का दिनांक 24-02-2019 का चेक दिया गया तथा यह विश्वास दिलाया गया कि उक्त चेक प्रस्तुत करने पर आपके बैंक में भुगतान हो जाएगा।
6. यह कि मेरे व्यवहारी द्वारा उक्त चेक HDFC बैंक संख्या 0000 को अपने बैंक में 27 फ़रवरी 2019 को प्रस्तुत किया लेकिन वह funds Insufficient की वजह से अनाद्रित (dishonor) हो गया जिसके संदर्भ में मेरे व्यवहारी द्वारा आप पक्षकार संख्या 1,2 को बताया / सूचित किया गया तथा आप पक्षकार संख्या 1,2 द्वारा पुनः चेक को बैंक में प्रस्तुत करने व भुगतान होने के लिए आश्वस्त किया गया।
7. यह कि मेरे व्यवहारी द्वारा चेक को प्रस्तुत करने की समय सीमा के अंतर्गत पुनः आप पक्षकार संख्या 3 के बैक में दिनांक 22-04-2019 को उक्त चेक HDFC बैंक संख्या 0000 दिनांकित 24-02-2019 को प्रस्तुत किया गया ।
8. यह कि मेरे व्यवहारी को चेक बैंक में प्रस्तुत करने के बाद मेरे व्यवहारी के फ़ोन पर उसके खाते में भुगतान होने के संदर्भ में फ़ोन पर आप पक्षकार संख्या 3 द्वारा संदेश भी भेजा गया।
9. यह कि मेरे व्यवहारी को आप पक्षकार संख्या 3 द्वारा पुनः उसके खाते भुगतान वापिस कर लिया गया तथा आप पक्षकार संख्या 3 द्वारा पक्षकार संख्या 1 व 2 के साथ मिली भगत करके उसके चेक को समय सीमा के अंतर्गत प्रस्तुत न करने के स्टेट्मेंट के साथ में मेरे व्यवहारी का चेक वापिस कर दिया गया तथा उसके जमा भुगतान को भी वापिस कर लिया।
10. यह कि आप पक्षकार संख्या 1,2,3 ने मेरे व्यवहारी के साथ छल कपट करके व आपस में मिलकर अमानत में ख्यानत (breach of trust) करके एक आपराधिक कृत्य किया है जोकि IPC की धारा 406,419,420 के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध है तथा जिसके लिए आप पक्षकार संख्या 1,2,3, पूर्ण रूप से ज़िम्मेदार है।
11. यह कि आप पक्षकार संख्या 3 द्वारा समय सीमा के अंतर्गत चेक को प्रस्तुत करने के बाद तथा मेरे व्यवहारी के खाते में पैसे स्थानांतरित होने के बावजूद पुनः उसे पक्षकार संख्या 1 व 2 के प्रभाव में आकर तथा उस से मिली भगत करके आपके द्वारा उक्त स्थनांतरित भुगतान वापिस किया गया जोकि बैंकिंग प्रणाली में प्रदत्त नियमों के विरुद्ध है तथा आपके द्वारा उक्त कृत्य जान बूझकर पक्षकार संख्या 1 के प्रभाव में आकर व मिलकर किया गया।
12. यह कि आप पक्षकार संख्या 1,2 व 3 ने मिलकर समय सीमा के अंतर्गत प्रस्तुत चेक को नगदीकरण नहीं किया गया तथा जानबूझकर क़ानूनी प्रक्रिया से बचने के लिए आपके द्वारा उक्त चेक मेरे व्यवहारी को वापिस किया गया तथा आप पक्षकार संख्या 3 द्वारा मेरे व्यवहारी को बैंक की कोई मेमो न देकर जिसमें चेक के संदर्भ में सपस्टिककरण प्रस्तुत करना होता है उसके जगह बैंक का स्टेट्मेंट दिया गया जिसमें आपके द्वारा “Instrument out dated” नोट के साथ मेरे व्यवहारी को स्टेट्मेंट हस्तगत करा दिया गया।
13. यह कि आप पक्षकार संख्या 3 द्वारा जानबूझकर पक्षकार संख्या 1 व 2 के साथ मिलकर उक्त आपराधिक कृत को अंजाम दिया गया जबकि वास्तविकता यह है कि अगर कोई चेक समय सीमा के बाद प्रस्तुत करके Banking Account System में Enter किया जाता है तो System उसे स्वतः अस्वीकार कर देता है जबकि मेरे व्यवहारी के चेक को समय सीमा 3 महीने के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया तथा उक्त चेक आपके Banking Account System द्वारा स्वीकार कर पैसे का भुगतान भी मेरे व्यवहारी के खाते में किया गया।
14. यह कि मै इस विधिक नोटिस के माध्यम से आप पक्षकार संख्या 1,2,3 को सूचित करती हूँ कि मेरे व्यवहारी के चेक का भुगतान रुपए 37861/- इस विधिक नोटिस की प्राप्ति के 15 दिन के अंदर 24 % वार्षिक व्याज दर के साथ व नोटिस फ़ीस रुपए 11000/- का भुगतान करें अन्यथा मेरा व्यवहारी आपके विरुद्ध अंतर्गत धारा 138 NI ACT के साथ- साथ IPC की धारा 406,419,420,467,468, में आपराधिक मामला दर्ज करेगा जिसके लिए आप पक्षकार संख्या 1,2,3 पूर्णरूप से ज़िम्मेदार होंगे।
नोटिस की प्रति मेरे कार्यालय में अग्रिम कार्यवाही हेतु सुरक्षित है।
(एडवोकेट)
आशा करते हैं हमारा लेख आपको पसंद आया होगा इस तरह के किसी अन्य मुद्दे पर जानकारी के लिए आप हमें ईमेल या कमेंट करके पूँछ सकते है ।
धन्यवाद
द्वारा – रेनू शुक्ला, अधिवक्ता / समाजसेविका
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